ताज़ा रेजगारी

उत्तराखंड बाइक यात्रा -4

Uttarakhand bike trip : Part 4

चौथा दिन : बेरीनाग-चौकौड़ी-राईआगर-गंगोलीहाट 

 

सुबह-सुबह हम बेरीनाग से चौकोड़ी के रवाना हो गए. मौसम एकदम खुला हुआ था. आकाश एकदम साफ़ और हवा मंद मंद बह रही थी. बाइक-यात्रा के लिए ये एकदम मुफीद मौसम था.

चौकोड़ी पहुंचकर हम काफी देर तक खुद के वजूद को जंगल के हवाले किये बैठे रहे. एकदम शांत माहौल और सामने हिमालय की श्रृंखलाओं का मनोरम दृश्य. बिना कुछ बोले केवल प्रकृति को निहारते हुए ही यहां कई घंटे बिठाये जा सकते थे.

 

_MG_9867

_MG_9860

 

_MG_9856

 

_MG_9850

करीब तीन घंटे इस एकांत में बिताकर हम वहां से लौट आये. अब हमें खाना खाकर गंगोलीहाट के लिए निकलता था.

_MG_9877

 

रास्ते में घास के ‘लूटे’ मकानों के आस-पास दिखाई दिए. ये ‘लुटे’ दरअसल जानवरों के चारे के संग्रहण के लिए किया जाने वाले पहाड़ी इंतज़ाम का तरीका हैं.

_MG_9869

राईआगर से जो सड़क गंगोलीहाट की तरफ जाती है उसे देखकर लगता है कि अब हम किसी उपेक्षित छोड़ दी गई जगह की तरफ जा रहे हैं. बावजूद इसके कि गंगोलीहाट का आध्यात्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टिकोण से काफी महत्त्व है, यहाँ की ये सड़क सालों से नहीं बनी. जगह जगह पर बुरी तरह बेहाल इस सड़क से गुजरना अब तक का सबसे खराब अनुभव रहा.

_MG_9879
उस रात गंगोलीहाट में हम लोग मेरे घर पर रहे. अगले दिन सुबह सुबह हम पाताल भुवनेश्वर की तरफ चल पड़े. पाताल भुवनेश्वर एक अनूठी गुफा है जिसका आध्यात्मिक महत्त्व काफी माना जाता है. माना ये भी जाता है कि आदि गुरु शंकराचार्य ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी. गुफा स्थापत्य के रूप में भी अपना अलग महत्त्व रखती है. पथ्थरों पर जिस तरह की नक्काशियां हैं वो देखने लायक हैं. मैं इससे पहले भी कई बार इस गुफा के भीतर गया था पर दानिश गुफा के द्वार पर पहुँचते ही असहज महसूस करने लगा इसलिए हमने बाहर के नजारों का लुत्फ़ लेना ही बेहतर समझा. भुवनेश्वर एक सुन्दर पहाड़ी गाँव है और यहाँ से भी हिमालय की लम्बी पर्वत श्रृंखला सामने दिखाई देती है. 
_MG_9889

_MG_9894
_MG_9888

 

पाताल भुवनेश्वर से लौटने के बाद हम मेरे गाँव चिटगल की तरफ रवाना हो गए. चिटगल वहां से करीब दस किलोमीटर दूर है.  ये सुन्दर पहाड़ी गाँव है. चिटगल में ताईजी और भाभी ने पहाड़ी खाना खिलाया. पालक की सब्जी, भटिया, चावल, दाल एक थाली में हमें परोसा गया. खाना खाकर कुछ देर हम वहां सुस्ताए और फिर शाम को वापस गंगोलीहाट लौट आये .

 

_MG_9911

IMG_9918

Comments

comments

Leave a Reply

1 Comment on "उत्तराखंड बाइक यात्रा -4"

Notify of
avatar
Sort by:   newest | oldest | most voted
rahul joshi
Guest

V nice…main bhi apne hi Gaon ghumne nikla hu ye padhkar shayed mujhe kafhi madad milegi#bekuf ldka

wpDiscuz