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The great ‘Kumaoni wedding’

इस बार अपने गांव चिटगल गया , काफी वक्त हो गया था वहां गए हुए. चिटगल, उत्तराखंड में गंगोलीहाट नाम की एक खूबसूरत सीमान्त तहसील का एक बेहद खूबसूरत गाँव है. पर उस ख़ूबसूरती को संवारने के लिए, उसे महसूस करने के लिए और उसे बचाए रखने के लिए वहां लोग लगातार कम होते जा रहे हैं. असुविधाओं और अभावों के चलते परिवार के परिवार  अपने पुश्तैनी घरों में ताला जड़कर वहां से बाहर आ रहे हैं. रोजगार, शिक्षा, स्कूल और यहाँ  तक कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी ज़रूरतें पूरी न हो पायें तो ख़ूबसूरती भी फीकी लगने लगती है.
लोग भले कम हो गए हों पर गाँव का जो सामुदायिकता का व्यवहार है उसमे आज भी कोई कमी कहां आई है. दिल से वो अभी भी एक गाँव है. बचपन में गाँव जाते थे तो अक्सर शादियों में या पूजा में या फिर श्राद्ध में . तब देखते कि कैसे गाँव के लोग मिलजुलकर सब निभा देते हैं. खाने, सजाने से लेकर गाने बजाने तक सब कुछ. और इस पूरी प्रक्रिया में पैसा कहीं नहीं था. बस सहयोग की भावना थी. ये एक तरह से भावनाओं का विनिमय ही था. आज आपके घर की शादी में लोगों ने बढ़चढ़ कर मदद की और कल उनके घरों की शादी में आप कोई कसर न छोड़ेंगे. ये एक तरह का अलिखित समझौता था. दिल्ली आकर देखते हैं तो यहां अलीपुर के पास बैंकट हॉल खुल गए हैं. वहां आप लाखों में पैसा दीजिये और निभा लीजिये शादी का रिवाज़. और हर शादी जैसे कॉपी-पेस्ट कर दी गयी हो. एक सी जगहें, एक से मंडप, एक से बैंड बाजे, यहाँ तक की वो बैरे भी एक से जो आपको स्वागत के वक्त स्नेक्स वगेरह परोसते हैं. जैसे घर की शादी नहीं आप किसी रेस्टोरेंट की किसी पार्टी में गए हों. घर शादियों से ‘घर’ कहीं गायब होते जा रहे हैं. ठीक वैसे जैसे गाँवों से परिवार. पर गाँवों में वो ‘पुरानी वाली बात’ अब भी बाकी है ये देखकर अच्छा लगा.
शायद इसलिए अब गाँव की शादियों में जाकर हर एक चीज़ को गौर से देखने का मन होता है. कैसे महिलाएं शादी के घरों को मिट्टी से लीपती हैं. कमेट (पीसी खड़िया) से बड़े ही सुन्दर डिज़ाइन के एपण डालती हैं. लड़के गिलासों की मदद से क्या ख़ूब सब्जियां काटते हैं. घर में रोशनी के लिए न किसी इलेक्ट्रीशियन की ज़रुरत और न ही टेंट लगाने के लिए टेंट हाउस की ज़रुरत.. गाँव के लोग बिना किसी बाहरी मदद के खुद से सब निबटा लेते हैं. और शादी में छलिया डांस की धुन में क्या मस्त होकर नाचते हैं सब. फिर शादी के वक्त बारातियों और घरातियों के बीच छेड़खानी की गीत.
इस बार गाँव की शादी के हर पहलू को अपने कमरे में उतारने की कोशिश की. पूरी कुमाउनी शादी की एक झलक देने की कोशिश जो इंटरनेट और यू ट्यूब के गलियारे में कहीं नहीं दिखाई देती.  फिलहाल ये ट्रेलर देखिये. और देख लीजिये अपनी आँखों से कुमाउनी शादी एक झलक.

youtube link for Kumaoni wedding video i made

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2 Comments on "The great ‘Kumaoni wedding’"

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SNEHA PANT
Guest

Awesome blog…n video is too good.

Keep the good work…we go to our village (kunjanpur) twice or thrice a year to celebrate holi n diwali or any other pooja….

Agar mauka mile tou kabhi kumaon ki holi bhi dekhna zaroor..its unique…

I’ll follow your blogs 🙂

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