ताज़ा रेजगारी

Singham returns : A poetic review

 

मन  बिफर उठे, तन तड़प उठे
परदे पे फिल्म जब आवे सिंघम
ना फन आये, ना  मन आये
सेम कथा दोहरावे सिंघम
कॉपी पेस्ट बनावत सिंघम
फिर गाड़ियां उड़ावत सिंघम
लॉजिक नहीं लगावत सिंघम
धत तेरे की हो जावत सिंघम
साथ में लेके करीना को
बोझिल लव ट्रेक बनाए सिंघम
ढाई घंटे की मूवी में
बिलकुल इन्ट्रेस्ट ना आये सिंघम
फ्री में पुलिस की प्रचारक सिंघम
एंड में शर्ट उतारक सिंघम
आर एस एस अवतारक सिंघम
पहले से कम मारक सिंघम
कुछ नया करें इस कोशिश में
सबसे माझी सटकाये सिंघम
सीआईडी से दया बुलाकर
दरवाज़ा तुड़वाये सिघम
पेट्रोल लगे, पोपकोर्न लगे
पूरे पांच सौ खर्च करावे सिंघम
बस शोर करे और बोर करे और
जेब में चपत लगावे सिंघम

Comments

comments

Leave a Reply

1 Comment on "Singham returns : A poetic review"

Notify of
avatar
Sort by:   newest | oldest | most voted
Kumar Harsh
Guest

पायरेटेड डीवीडी पर खर्च होने वाले मेरे 20रुपए बच गए….पर अफसोस की आप की मेहनत की कमाई के 500रुपए डूब गए।