ताज़ा रेजगारी

गाँव कनेक्शन

मोदी जी याद रखियेगा जहां में नूरजहां और भी हैं

November 29, 2015 // 0 Comments

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल अपने मन की बात में सोलर लालटेन की मदद से गाँव को रौशन करने वाली कानपुर के दरियांव की ‘नूरजहां’ का ज़िक्र किया और वो चर्चा में आ गई और ये खबर हर मीडिया हाउस की सुर्ख़ियों में. लेकिन ये बात तब की है जब मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं थे, और गाँव कनेक्शन देश का सबसे बड़ा ग्रामीण अखबार नहीं था. तब कानपुर की ही ऐसी और भी कई महिलाओं पर मैंने एक विस्तृत रिपोर्ट लिखी READ MORE

मोबाइल के इस्तेमाल से माँओं की देखभाल

February 6, 2013 // 0 Comments

जयपुर से तकरीबन 120 किलोमीटर दूर रुपनगढ़ ग्रामपंचायत में रहने वाली स्वास्थ्य कार्यकर्त्री (आशा), अल्का सारना रोज हाथों में मोबाईल फोन लेकर अपने गांव की महिलाओं के घर जाती हैं। घरों में मौजूद महिलाओं को अपने पास बैठाकर वो मोबाईल के कीपैड पर कुछ बटन दबाना शुरु करती हैं। थोड़ी ही देर में बारी बारी से मोबाईल पर एक आवाज़ इन महिलाओं से गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, READ MORE

इलाज के लिए ‘अमरीका’ भी करता है बंधुआ मजदूरी

January 15, 2013 // 0 Comments

लखनउ से तकरीबन 100 किलोमीटर दूर सीतापुर के पगरोर्इ गांव में रहने वाले अमरीका प्रसाद दिसम्बर की 19 तारीख से किंग जौर्ज मेडिकल कालेज में डेरा जमाये हुए हैं। न्यूरोलौजी डिपार्टमेंट के ठीक बाहर कड़कड़ाती ठंड में अपने पूरे परिवार के साथ वो बस इसी उम्मीद में बैठे हैं कि उनकी 10 महीने की बेटी का इलाज हो जाये। “बच्ची बीमार है। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने कहा कि अभी छुटटी पे जा रहे हैं। 14 READ MORE

यहां या तो भूत चलता है या सलमान खान

January 15, 2013 // 0 Comments

लखनउ से 14 किलोमीटर उत्तर दिशा में काकोरी नाम का एक छोटा सा कस्बा है। इस कस्बे में संकरी सी रोड पर चलते हुए हैंडपंप के पीछे चूने से पुती हुई एक दीवार पर लकड़ी का एक पटला सा दिखता है। उस पटले पर एक फिल्मी पोस्टर चस्पा है जिसपर लिखा है ‘मौत का खेल’। दीवार से सटे हुए गेट के अन्दर जाने पर सामने की दीवार पर रिक्शेवाली और फांदेबाज़ से लेकर रजनीकांत की बाशा और संजय दत्त की अग्निपथ जैसी READ MORE

क्योंकि मिस कॉल भी है बड़े काम की चीज़

January 15, 2013 // 0 Comments

टेलीकॉम इन्डस्ट्री के पंडितों ने जब मोबाईल टेलीफोनी के बारे में सोचा होगा तो मिस कॉल नाम का ये शब्द उनके ज़ेहन में शायद ही आया हो। वाशिंग मशीन में लस्सी बना लेने का माद्दा रखने वाले हमारे इस जुगाड़ू देश ने मिस कॉल नाम के इस शब्द को अपनी भाषा और यहां तक कि रोज़मर्रा की बातचीत हिस्सा बना लिया है। भोजपुरी गानों से लेकर बालिवुड आईटम नम्बर तक में सैंया को पटाने के नुस्खों में शामिल होने READ MORE

हर तीसरा भारतीय किसान, पर कृषि वैज्ञानिकों के आधे पद खाली

January 12, 2013 // 0 Comments

भारत के बढ़ते कृषि व्यापार की चकाचैंध से प्रभावित होकर लखनऊ के अफाक अहमद ने कृषि विषय में एमबीए करने का मन बनाया और लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रबन्धन विज्ञान संस्थान में एडमिशन ले लिया। अफाक के अध्यापकों ने उसे यही बताया था कि एग्रिकल्चर की पढ़ाई में आगे बहुत अच्छे अवसर हैं। दक्षिण भारत के कृषि व्यापार की नज़ीर देकर उसे समझाया गया कि मौजूदा समय में इस क्षेत्र से उच्च शिक्षा लेने READ MORE