ताज़ा रेजगारी

जो करके खोखला गया

मैं कुछ तलाशता तलाशता किधर चला गया
जो साफ़-साफ़ दिख रहा था वो भी धुंधला गया

जो सच था वो भी झूठ ही मिला तो तब बुरा लगा
यकीन मानने का मेरा हौसला चला गया

जो प्यास थी बुझी नहीं, न जाने किसकी प्यास थी
सूखते गले में वो उदासिया पिला गया

खुशी भी उम्र लेके आई बीतकर चली गई
गया भी वो औ यूं कि हमको करके इत्तला गया

न जाने किसको क्या मिला, न जाने किसका क्या गया
कुछ तो ऐसा भर गया जो करके खोखला गया

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