ताज़ा रेजगारी

कुछ तो कहना था अलविदा ही सही

अब ये बेचैनी जाविदा ही सही
कुछ तो कहना था अलविदा ही सही

यूं भी तो पास कभी आ न सके
अब ये दूरी ही सही हम जुदा जुदा ही सही

कब तलक यूं किसी मजधार में बहते रहते
गमे साहिल ये तयशुदा ही सही

अब ये किस्मत की लकीरें तो बदलने से रही
हम सवाली ही सही तुम खु़दा ख़ुदा ही सही

Comments

comments

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz