ताज़ा रेजगारी

इस बार परिंदे ने नसीहत दे दी

मेरे कमरे में कबूतर आया
अच्छा लगा कि
कोई तो है साथ मेरे
बहुत देर से बैठा सा वो
कुछ सोच रहा था
जो सोच रहा था
मुझे मालूम नहीं
मैने देखा उसे नज़र भर के
सोचा चलो कुछ बात करुं
जैसे ही उठा था
और कुछ बोला था
वो उड़ गया खिड़की से लपकता
पलक झपकते ही

बाहर गर्मी है
वो लौटके आयेगा ज़रुर
उसकी फितरत भी है
 इन्सानों सी
मुझको लगता था कि
कोई तो अलहदा है यहां।
अच्छा हुआ इस बार
परिंदे ने नसीहत दे दी।

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